अमर शहीद के बलिदान दिवस पर राष्ट्र चिंतन गोष्ठी का हुआ आयोजन
स्मृति चित्र के समक्ष लोगों नें किया पुष्प अर्पण और दी श्रद्धांजलि

कारगिल हुतात्मा अमर शहीद अनिल सिंह के 27वें बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि सभा एवं राष्ट्र रक्षा मोक्ष का कार्यक्रम हुआ।
11 अगस्त. कारगिल युद्ध में मां भारती की रक्षा करते हुए हुतात्मा हुए अमर सपूत अनिल सिंह जी के 27वें बलिदान दिवस के अवसर पर मंगलवार को हुतात्मा अनिल सिंह स्मारक स्थल, खरवई में श्रद्धांजलि सभा और राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, खरवई में राष्ट्र रक्षा दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त कर्नल आर. ए. पटेल, अंतिम रहे। कार्यक्रम में धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे ‘अनिरुद्ध दास’, इंदुभाल त्रिप – शिक्षाविद् एवं प्रबंधक जन इंटर कॉलेज, मऊआइनामा, पीबीडीसी कॉलेज सिटी के पूर्व कार्यशाला पी.पी. सिंह, विदेहानंद जी महाराज, नवीन सिंह विक्रांत (पूर्व प्रमुख, मांधाता) और कैप्टन सुनील शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ हुतात्मा अनिल सिंह जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि कर के साथ हुआ। उपस्थित जनसमूह ने राष्ट्रभक्ति के नारों – “हुतात्मा अनिल सिंह अमर रहें”, “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” – के उद्घोष से वातावरण को राष्ट्रभक्ति से गुंजायमान कर दिया।
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के बाद मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त कर्नल आर. ए. पटेल ने कारगिल युद्ध और ऑपरेशन विजय के विभिन्न उपन्यासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हुतात्मा अनिल सिंह जी का बलिदान केवल उनके परिवार या क्षेत्र की धरोहर नहीं है, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र की अमूल्य विरासत है। समाज को उनके त्याग और शौर्य से प्रेरणा लेकर राष्ट्र समाज के विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहना चाहिए।
धर्माचार्य ओम प्रकाश पंडित ‘अनिरुद्ध दास’ ने कहा था कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सपूतों के जीवन में आने वाली समाधि के लिए प्रेरणास्त्रोत होता है। उन्होंने कहा कि अनिल सिंह जी हमें राष्ट्र के प्रति कर्तव्य, कर्तव्य और निष्ठा का संदेश देते हैं। ऐसे वीरों की स्मृतियों को जीवित रखना और उनके आदर्शों को समाज की नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा सभी का नैतिक दायित्व है।
विदेहानंद जी महाराज ने कहा था कि राष्ट्र और मूर्ति का त्याग कभी नहीं किया जाता। हुतात्मा अनिल सिंह जी का जीवन बच्चों को देशहित में समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देता है।
नवीन सिंह विक्रांत ने कहा कि वीर सैनिकों के साहस और बलिदान के कारण ही देशवासी सुरक्षित वातावरण में जीवन जी रहे हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोच्च देशभक्ति की शपथ दिलाई।
कैप्टन सुनील शर्मा ने सेना के निर्देश, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए कहा कि देश की सुरक्षा केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान हुतात्मा अनिल सिंह जी की धर्मपत्नी श्रीमती बिंदु सिंह अपने वीर पति की दीक्षा के समय भावुक हो उठीं और उनकी पलकें बिछा दीं। हुतात्मा अनिल सिंह जी के पौत्र सान्निध्य एवं पौत्री यशी ने भी अपने वीर दादा की प्रतिमा पर उन्हें साक्षात निकेश की उपाधि दी। यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए अत्यंत उन्मुख एवं प्रेरणादायक है।
कार्यक्रम का संयोजन हुतात्मा अनिल सिंह जी के अग्रज श्री राम बरन सिंह ने किया। मंच का संचालन ‘जांबाज़ हिंदुस्तानी’ के उपाध्यक्ष श्री आलोक तिवारी ने किया, जबकि मंच के संचालनकर्ता श्री मनोज सिंह ‘गुड्डू’ ने आरोप लगाया।
इस पर ‘जांबाज़ हिंदुस्तानी’ के अध्यक्ष श्री आलोक आज़ाद, मंडल अध्यक्ष भाजपा लव सिंह शोभा, अलोक सिंह, ठाकुर मान सिंह, प्रदीप मिश्र, विश्वनाथ चौधरी, संदीप सिंह, अमित सिंह, आदित्य सिंह, वदूद अहमद अवसर, विजय राजवंशी, शकीर भाई बीडीसी, अद्वैत तिवारी, अमित मौर्य, अमरेश सिंह, नागेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, देल्हूपुर शहर के उप-प्रभारी मार्कंडेय सिंह, पुलिस प्रमुख के साथ। नागरिक एवं राष्ट्रभक्त उपस्थित रहे।
शरणार्थियों के माध्यम से सज्जन म्यूजिकल ग्रुप के गायकों ने हुतात्मा अनिल सिंह जी को अपनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम का समापन हुतात्मा अनिल सिंह जी के बलिदान को समर्पित करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा के प्रति संकल्प एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।





